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HighLights

  1. बदलापुर दुष्कर्म के आरोपी शिंदे को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
  2. 24 सितंबर को पुलिस एनकाउंटर में अक्षय शिंदे की मौत हो गई।
  3. परिजनों ने पुलिस पर उठाए सवाल, स्कूल प्रबंधन की जांच की मांग की

बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे के एनकाउंटर पर उसके परिजनों ने सवाल उठाए हैं। बदलापुर कांड के आरोपी शिंदे के परिजनों ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने यौन उत्पीड़न मामले में उस पर कबूलनामा देने का दबाव बनाया था।

अक्षय शिंदे पर आरोप था कि उसने बदलापुर के स्कूल के शौचालय में दो लड़कियों के साथ कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार किया था। स्कूल में सफाईकर्मी शिंदे को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस की थ्योरी गलत
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब आरोप शिंदे को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, उस वक्त उसने एक पुलिसकर्मी से बंदूक छीनकर उसपर गोली चला दी। उसके बाद पुलिस एस्कॉर्ट टीम के एक अन्य अधिकारी ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई। उसके बाद जब आरोपी को कलवा सिविक अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस की इस थ्योरी गलत बताया।

मां ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल
शिंदे की मां और चाचा ने सोमवार रात कलवा अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कहना गलत है कि उसने पहले पुलिसकर्मी की बंदूक छीनी और उस पर गोली चलाई। बाद में पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई। पुलिस उसपर जबरन जुर्म कबूलने के लिए दबाव बना रही थी। बयान में उससे क्या लिखवाया गया, यह केवल वही जानता है।

पिता बोले- हत्या की जांच होंगी चाहिए
अक्षय शिंदे के पिता अन्ना शिंदे ने कहा कि उनके बेटे की हत्या की जांच होनी चाहिए। उसकी मां और चाचा ने आरोप लगाया कि यह पुलिस और बदलापुर स्कूल के प्रबंधन की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि अक्षय ने अपने परिजनों से कहा था कि पुलिस हिरासत में उसे पीटा जा रहा है और उसने पैसे मांगने के लिए एक चिट भी भेजी थी।

स्कूल प्रबंधन की भी जांच हो
उसकी मां और चाचा ने पुलिस के बयान पर सवाल उठाया और कहा कि वह पुलिसकर्मी का हथियार नहीं छीन सकता। पुलिस ने हमारे बच्चे को मार डाला है। स्कूल प्रबंधन की भी जांच होनी चाहिए। मेरा बेटा पटाखे फोड़ने और सड़क पार करने से भी डरता था। वह पुलिसकर्मियों पर गोली कैसे चला सकता है?

आरपो साबित नहीं हुए थे
अक्षय की मां ने पूछा उसे उसके खिलाफ जो मामला था, उस मामले में सुनवाई के लिए उसे अदालत ले जाना चाहिए था, पुलिस ने उसे कैसे गोली मार दी? जबकि अक्षय के खिलाफ मामलों में अभी आरोप भी साबित नहीं हुए हैं।

बेटे से मिलने नहीं दिया
अक्षय की मां ने कहा कि वह उनसे पूछता था कि उसे कब रिहा किया जाएगा। डॉक्टरों द्वारा शिंदे को मृत घोषित करने के बाद कलवा अस्पताल में जिस कमरे में शव रखा गया था, उसके पास किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। हमें अपने बेटे को क्यों नहीं देखने दिया गया?

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