NIN Network

एएनआई, नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर के महाल इलाके के बाद हंसपुरी में हिंसा भड़क उठी, जिसमें अज्ञात व्यक्तियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की। रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर के हंसपुरी इलाके में अज्ञात व्यक्तियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की, वाहनों में आग लगा दी और पथराव किया।
इससे पहले महाल इलाके में दो समूहों के बीच पहले हुई झड़प के बाद शहर में तनाव बढ़ गया था। इस बीच हंसपुरी के एक प्रत्यक्षदर्शी ने नकाबपोश समूह द्वारा मचाई गई अराजकता का वर्णन किया।
गाड़ियों में लगाई आग
प्रत्यक्षदर्शी ने कहा,’एक टीम यहां आई, उनके चेहरे स्कार्फ से छिपे हुए थे। उनके हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें थीं। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया, दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। उन्होंने वाहनों में भी आग लगा दी।’

एक अन्य स्थानीय निवासी ने भी तोड़फोड़ की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने दुकानों में तोड़फोड़ की। उन्होंने 8-10 गाड़ियों में आग लगा दी।’
कांग्रेस सांसद ने की हमले की निंदा
इस बीच, दिल्ली में बोलते हुए कांग्रेस सांसद श्यामकुमार बर्वे ने हिंसा की निंदा की और लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया। बर्वे ने कहा,

‘जिस तरह की कोशिश की जा रही है, नागपुर में हिंदू-मुस्लिम झड़प कभी नहीं हुई। मैं दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील करना चाहता हूं। ऐसी घटनाओं के जरिए मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।’

देर रात हुई घटना
नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ। रविंदर सिंघल ने निवासियों को आश्वासन दिया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। स्थिति अभी शांतिपूर्ण है। एक तस्वीर जलाई गई, जिसके बाद लोग इकट्ठा हुए। हमने उनसे तितर-बितर होने का अनुरोध किया और हमने इस संबंध में कार्रवाई भी की। वे मुझसे मिलने मेरे कार्यालय भी आए थे।

उन्हें बताया गया कि उनके द्वारा बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने अशांति की समय-सीमा के बारे में भी बताया।

धारा 144 लागू
पुलिस आयुक्त ने आगे कहा, यह घटना रात 8-8:30 बजे के आसपास हुई। ज्यादा गाड़ियों में आग नहीं लगी है। हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं। दो गाड़ियों में आग लगी है और पत्थरबाजी हुई है। पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। हमने धारा 144 लगा दी है और सभी को निर्देश दिया गया है कि वे बेवजह बाहर न निकलें और कानून को अपने हाथ में न लें। अफवाहों पर ध्यान न दें।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *