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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिली सिक्योरिटी क्लीयरेंस, नवरात्र में उद्घाटन के 45 दिन बाद शुरू होंगी उड़ानें

प्रकाशित: March 6, 2026, 3:24 PM | दिल्ली
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिली सिक्योरिटी क्लीयरेंस, नवरात्र में उद्घाटन के 45 दिन बाद शुरू होंगी उड़ानें

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरो ड्रम लाइसेंस जारी होने का रास्ता साफ हो गया है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बृहस्पतिवार को सिक्योरिटी क्लीयरेंस जारी कर दिया है। यह सिक्योरिटी क्लीयरेंस शर्तों के साथ जारी किया गया है।


डीजीसीए करेगा निरीक्षण, नवरात्र में उद्घाटन की संभावना

डीजीसीए की टीम एयरोड्रम लाइसेंस जारी करने से पहले एयरपोर्ट का निरीक्षण करेगी। नवरात्र में एयरपोर्ट का उद्घाटन होने की संभावना है। ब्यूरो ने इससे पहले एंटी हाइजैक कंटीजेंसी प्लान को अपनी स्वीकृति दी थी।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मार्च में उद्घाटन की घोषणा की थी। उद्घाटन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरो ड्रम लाइसेंस जारी होना जरूरी है।


सिक्योरिटी क्लीयरेंस न मिलने से अटका था लाइसेंस

यह लाइसेंस बीसीएएस से सिक्योरिटी क्लीयरेंस न मिलने के कारण जारी नहीं हो पा रहा था। बृहस्पतिवार को सिक्योरिटी क्लीयरेंस जारी होने के साथ एयरोड्रम लाइसेंस का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।



नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के नोडल अफसर एवं यीडा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि बीसीएएस ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एंटी हाइजैक कंटीजेंसी प्लान को स्वीकृति के बाद सिक्योरिटी क्लेरेंस जारी कर दिया है।


शर्तों के साथ मिला सुरक्षा क्लियरेंस

इस शर्त के साथ जारी किया गया है। एयरपोर्ट संचालन में इन शर्तों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। डीजीसीए की टीम एक सप्ताह के अंदर एयरपोर्ट का निरीक्षण कर एयरोड्रम लाइसेंस की कार्रवाई करेगी।


नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि सिक्योरिटी क्लीयरेंस जारी होने से यह साफ हो गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन जल्द होगा और यात्री सेवा भी जल्द शुरू हो जाएगी।


क्या होता है एंटी हाइजैक कंटीजेंसी प्लान

इससे पहले एंटी हाइजेक कंटीजेंसी प्लान को स्वीकृति दी गई थी। विमान के हाइजैक होने या बम की सूचना जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा योजना होती है। यात्रियों, क्रू मेंबर्स और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा स्थिति को शांतिपूर्ण और नियंत्रित तरीके से समाप्त करना होता है।


विमानन कंपनियां, एयरपोर्ट अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय आपदा प्रबंधन समिति और सरकार इस योजना पर समन्वय के साथ मिलकर कार्रवाई करती है। इसमें विमान की निगरानी, यात्रियों की सुरक्षा, वार्ताकार और विशेष बलों की तैनाती जैसी रणनीति शामिल होती है।


लाइसेंस मिलने के बाद शुरू होगी एयरलाइंस की तैयारी

इस योजना को तभी स्वीकृति दी जाती है जब आपात स्थिति से निपटने के लिए उपकरण समेत सभी सामान एयरपोर्ट पर उपलब्ध होते हैं। सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलने के बाद डीजीसीए एयरोड्रम लाइसेंस जारी करेगा।


एयरो ड्रम लाइसेंस जारी होते ही एयरलाइंस कंपनियों को एयरपोर्ट के शुरू होने की सूचना जारी कर दी जाती है। कंपनियां एयरपोर्ट से देश विदेश के लिए विमान सेवा शुरू करने के लिए तैयारी शुरू करती हैं। उद्घाटन के 45 दिन बाद से संचालन शुरू हो जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट से शुरुआत में दिन में घरेलू विमान सेवा शुरू होगी।