लखनऊ अग्निकांड: बाराबंकी के ग्राफिक डिजाइनर सहित दो ने गंवाई जान, इकलौते बेटे की मौत से सदमे में परिवार
बाराबंकी। लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के मृतकों में जिले के भी दो युवक शामिल हैं। एक युवक शहर के लखपेड़ाबाग निवासी गेम ग्राफिक डिजाइनर और दूसरा फतेहपुर के सट्टी बाजार का मूल निवासी शामिल है, जो माता-पिता का इकलौता पुत्र था। दोनों की मौत के बाद परिवार और पास पड़ोस में मातम छाया हुआ है।
कोतवाली नगर के लखपेड़ाबाग निवासी मंसूर आलम का 25 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अम्मार कोचिंग में सर्विस करते थे। वह दो साल से वहां गेम ग्राफिक डिजाइनर का काम करते थे। हादसे में मौत की सूचना पर परिवार और पास पड़ोस में मातम छा गया।
जानकारी होते ही लोग उनके घर ढांढस बंधाने आने लगे। उनके पिता व रिश्तेदार हादसे की सूचना मिले ही लखनऊ रवाना हो गए। देर रात तक शव घर नहीं आ सका था।
इकलौता पुत्र था इमरान
फतेहपुर : परिवारजन के अनुसार शहजान हाजी मोहम्मद इमरान का इकलौता पुत्र था। इमरान का परिवार लगभग 20 वर्षों से लखनऊ के जानकीपुरम में रहता था। शहजान अपनी तीन विवाहित बहनों का सबसे छोटा और इकलौता भाई था और परिवार का लाडला था।
जिस इमारत में आग लगी, उसी परिसर में स्थित हेड हापर्स स्टूडियो में शहजान प्रशिक्षण ले रहा था। हादसे के समय वह वहीं मौजूद था और आग की चपेट में आ गया। राहत एवं बचाव दल ने कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन शहजान को बचाया नहीं जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और रिश्तेदार सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां शहजान को मृत घोषित कर दिया गया। नगर में शहजान की मौत की खबर पहुंचते ही परिवार, नाते रिश्तेदारों में शोक व्याप्त हो गया।