सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ 10 नवंबर को होगी रिलीज, राजीव गांधी के साथ प्रेम कहानी से लेकर राजनीति तक का सफर
ई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ 10 नवंबर 2026 को बाजार में आने वाली है। इस संस्मरण को लेकर पुस्तक प्रेमियों और राजनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता है। किताब में सोनिया गांधी के निजी जीवन, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ उनके रिश्ते, परिवार से जुड़ी यादों और भारतीय राजनीति में उनके लंबे सफर की झलक देखने को मिलेगी।
इस किताब के जरिए सोनिया गांधी अपने जीवन के उन अनुभवों को पाठकों के सामने रखेंगी, जिनके बारे में उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से बहुत कम बात की। का यह संस्मरण उनके व्यक्तिगत जीवन और देश की राजनीतिक यात्रा, दोनों को करीब से समझने का अवसर देगा।
इटली से भारत तक का सफर, राजीव गांधी से मुलाकात का जिक्र
‘Belonging: A Journey of Love’ में सोनिया गांधी के शुरुआती जीवन से लेकर भारत आने तक की कहानी शामिल है। इटली में बचपन बिताने के बाद उनकी मुलाकात कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान राजीव गांधी से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच रिश्ता गहरा हुआ और वर्ष 1968 में सोनिया गांधी भारत आ गईं।
भारत आने के बाद उन्हें एक नए देश, नई संस्कृति, भाषा और जीवनशैली के साथ तालमेल बैठाना पड़ा। किताब में राजीव गांधी के साथ उनके वैवाहिक जीवन और गांधी परिवार का हिस्सा बनने के अनुभवों को भी जगह दी गई है।
परिवार से जुड़े दुखद दौर को भी करेंगी साझा
सोनिया गांधी के जीवन में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने उनकी निजी जिंदगी को गहराई से प्रभावित किया। वर्ष 1980 में संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु, 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या उनके जीवन के सबसे कठिन दौर में शामिल रहे।
किताब में इन घटनाओं से जुड़े अनुभवों और उनके परिवार पर पड़े प्रभावों का जिक्र होने की उम्मीद है। राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी को व्यक्तिगत दुख के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन की नई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।
राजनीति में आने से लेकर कांग्रेस नेतृत्व तक की कहानी
सोनिया गांधी लंबे समय तक राजनीति से दूर रहना चाहती थीं, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों और बदलते राजनीतिक हालात ने उन्हें सक्रिय राजनीति की ओर बढ़ाया। बाद में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली नेताओं में शामिल हुईं।
उनके राजनीतिक सफर में कांग्रेस का नेतृत्व, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार के गठन और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ उनके राजनीतिक संबंधों जैसे महत्वपूर्ण अध्याय शामिल रहे। वर्ष 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने का उनका फैसला भी उनके राजनीतिक जीवन की चर्चित घटनाओं में से एक रहा।
किताब को लेकर क्यों है इतनी चर्चा?
‘Belonging: A Journey of Love’ केवल एक राजनीतिक संस्मरण नहीं है, बल्कि प्यार, परिवार, जिम्मेदारी, दुख और अपनी पहचान तलाशने की कहानी भी है। इस किताब के माध्यम से पाठकों को सोनिया गांधी के नजरिए से गांधी परिवार के जीवन और पिछले कई दशकों में भारत में हुए सामाजिक एवं राजनीतिक बदलावों को समझने का अवसर मिल सकता है।
किताब के प्रकाशन को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी। भारत में इसके प्रकाशन की जिम्मेदारी पहले पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के पास होने की बात थी, लेकिन पांडुलिपि को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद हार्परकॉलिन्स इंडिया ने भारत में किताब प्रकाशित करने की घोषणा की।
अब 10 नवंबर 2026 को इसके रिलीज होने की तारीख तय होने के बाद पाठकों की निगाहें इस बात पर हैं कि सोनिया गांधी अपने जीवन और राजनीतिक अनुभवों से जुड़े किन पहलुओं को विस्तार से सामने रखती हैं।
‘Belonging: A Journey of Love’ के जरिए सोनिया गांधी अपने निजी अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की यादों को एक साथ समेटने जा रही हैं। किताब में परिवार, प्रेम, व्यक्तिगत क्षति और राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच उनके जीवन की यात्रा को समझने का अवसर मिलेगा।
साभार: Aaj Tak | अन्य संदर्भ: The Indian Express, HarperCollins India