दिल्ली की 1511 अवैध कॉलोनियों का रजिस्ट्रेशन शुरू, SWAGAM पर भरें फॉर्म, एक्सपर्ट ने माना सस्ते घर खरीदारों की होगी मौज
दिल्ली सरकार ने राजधानी की 1511 अवैध कॉलोनियों को पक्का करने यानी लीगल ओनरशिप देने का काम 24 अप्रैल से शुरू कर दिया है। आप MCD के SWAGAM) पोर्टल पर जाकर घर का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। एक्सपर्ट मान रहे कि ऐसा होने से शहर के रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव आएगा और सस्ते घर खरीदारों को बहुत ज्यादा ऑप्शन मिल सकेंगे।
अगर आप दिल्ली में सस्ता घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। राजधानी में 1731 अनऑथराइज्ड कॉलोनियों में से 1511 को रेगुलराइज करने का प्रोसेस 24 अप्रैल से शुरू हो गया है। इन कॉलोनी में रह रहे लोगों के पास लीगल ओनरशिप नहीं थी। इस वजह से दिल्ली में छोटे खरीदारों के लिए अनऑथराइज्ड कॉलोनी में घर या प्रॉपर्टी खरीदना या उसका मालिक होना हमेशा से एक समस्या रही है।
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 'स्वगम' (SWAGAM) पोर्टल शुरू किया है। आप इस पर जाकर अपने घर का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और लीगल ओनरशिप प्राप्त कर सकते हैं। लॉन्च किया निवासियों को अपनी संपत्तियों को ऑनलाइन वैध बनाने में मदद करने के लिए SWAGAM पोर्टल लॉन्च किया है।
यह कदम हजारों अनऑथराइज्ड कॉलोनियों को मुख्यधारा के रियल एस्टेट सिस्टम में शामिल करने की कोशिश है ताकि वहां रहने वाले लोगों को भी कानूनी पहचान और सुविधाएं मिल सकें। इससे करीब 10 लाख परिवारों को लाभ होगा। इससे रियल एस्टेट मार्केट पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। अगर आप दिल्ली में सस्ते घर का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए कई ऑप्शन खुलने वाले हैं।
इससे आपको क्या फायदा होने वाला है?
एक्सपर्ट के अनुसार, एक बार जब आपकी प्रॉपर्टी रेगुलराइज हो जाएगी, तो आपको कई फायदे हो सकते हैं। सबसे पहला तो आपको अपने घर की लीगल ओनरशिप मिल सकती है। दूसरा आप अपने घर या प्रॉपर्टी को आसानी से सेल और ट्रांसफर कर सकते हैं। तीसरा आप होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं और आपकी प्रॉपर्टी दिल्ली रियल एस्टेट मार्केट का हिस्सा बन सकती है।
इससे दिल्ली के रियल एस्टेट मार्केट पर क्या सर पड़ेगा?
1) बढ़ सकती हैं घरों की कीमतें: एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम से दिल्ली के रियल एस्टेट मार्केट को बदलने वाला है। एक साथ इतने घरों को कानूनी मान्यता मिलने से से इन कॉलोनियों में घन की डिमांड और कीमतें बढ़ सकती हैं।
2) बाजार में उतरेंगे ज्यादा खरीदार: पहले लोग इन अनऑथराइज्ड इलाकों में कानूनी जोखिमों के कारण घर खरीदने से डरते थे लेकिन अब लोग यहां बिना चिंता पैसे खर्च कर सकेंगे।
3) इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा सुधार: एक बार रेगुलराइज होने के बाद इन इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार होने लगेगा। यहां बेहतर सड़कें, पानी की सप्लाई और सीवेज सिस्टम आदि में सुधार हो सकेगा।
4) सस्ते घरों की बढ़ सकती डिमांड: दिल्ली में छोटे खरीदारों को इससे बहुत फायदा होने वाला है। यहां कीमतें पहले से आसमान छू रही हैं और जमीन की भी कमी है। ऐसे होने से अब कम बजट वाले खरीदारों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।
घर खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?
दिल्ली में घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे लोगों को अब ज्यादा कानूनी और सुरक्षित प्रॉपर्टी के ऑप्शन मिलेंगे, धोखाधड़ी का जोखिम कम होगा और होम लोन लेना भी आसान हो जाएगा। साथ ही, ऐसी प्रॉपर्टी की रीसेल वैल्यू भी बेहतर हो सकती है।
इन्वेस्टर्स के लिए इसका क्या अर्थ है?
अगर आप दिल्ली में छोटा इन्वेस्ट करना चाह रहे हैं, तो यह आपके लिए बढ़िया मौका होने वाला है। ऐसी जगहों में कम कीमत में एंट्री हो सकती है। दूसरा, रेगुलाइज होने से फ्यूचर में कीमतें बढ़ने से आपको अच्छा ग्रोथ मिल सकता है और सबसे बड़ी बात यहां किराए की मांग बढ़ सकती है। एक्सपर्ट की राय है कि आप सिर्फ रेगुलाइज कॉलोनियों में ही इन्वेस्ट करें।
SWAGAM पोर्टल कैसे काम करता है?
इस प्रोसेस को सरल और पूरी तरह से ऑनलाइन बनाया गया है। यदि आपके पास पहले से ही पीएम-उदय स्कीम के तहत ओनरशिप डाक्यूमेंट्स हैं, तो सिस्टम आपके डेटा को ऑटो-फेच कर लेगा। इसकी खासियत यह है कि आपको कुछ भी काम फिजिकल नहीं करना है और सर्टिफिकेट 45 दिनों के भीतर जारी किये जा सकते हैं।
इसके लिए सबसे पहले SWAGAM पोर्टल पर जाएं
सूची से अपनी कॉलोनी का चयन करें
अपनी प्रॉपर्टी की डिटेल्स भरें
पीएम-उदय केस आईडी भरें (यदि उपलब्ध हो)
आवेदन 
SWAGAM पोर्टल में प्रॉपर्टी रेगुलराइज करते समय इन बातों का ध्यान रखें
1) आवेदन करने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपकी जमीन अप्रूव्ड लेआउट प्लान में आती है या नहीं, वह Plotted Development कैटेगरी में है या नहीं और यह MPD-2021 और UBBL-2016 के नियमों के अनुसार रेगुलराइज होने के योग्य है।
2) इस बात का ध्यान रखें कि केवल वही प्रॉपर्टी रेगुलराइज होगी, जो रेजिडेंशियल उपयोग में हो, तय ऊंचाई, FAR और सेटबैक नियमों के अंदर हो और इसके अलावा सपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखें।
3) आवेदन करने से पहले इन डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी पीडीएफ तैयार रखें, इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस (सेल्फ-अटेस्टेड)
आवेदक की फोटो है। प्रॉपर्टी के मालिकाना हक का प्रूफ (जैसे: सेल डीड, GPA, वसीयत आदि)।
4) बिल्डिंग से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट: अगर उपलब्ध हो तो सैंक्शन बिल्डिंग प्लान/कंप्लीशन प्लान/ रेगुलराइजेशन प्लान। मौजूदा बिल्डिंग का प्लान (जो साइट के अनुसार हो), जिसे रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट ने साइन और स्टाम्प किया हो। स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट (एम्पैनल्ड इंजीनियर द्वारा साइन और स्टैम्प किया हुआ)।
5) पोर्टल में प्रॉपर्टी की फोटो भी अपलोड करें, जैसे घर की फ्रंट, साइड और पीछे की फोटो अपलोड करनी होगी। फोटो में पूरी प्रॉपर्टी साफ दिखाई देनी चाहिए। आवेदन करने से पहले अपनी प्रॉपर्टी की पात्रता जांचें और सभी जरूरी दस्तावेज सही फॉर्मेट में तैयार रखें, तभी आपका आवेदन आसानी से मंजूर होगा।
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