ऑनलाइन चाकू-नकली पिस्टल बेचना बंद करें, दिल्ली पुलिस का ई-कॉमर्स कंपनियों को सख्त निर्देश
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनियों को पटाखों, बैन चाकू, नकली पिस्टल और बिना पर्चे दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने अमेजन, फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट, स्विगी, ब्लिंकिट, टाटा 1-एमजी, अपोले, नेटमेड्स, स्नैपडील, रिलायंस रिटेल, इंडिया मार्ट, पोर्टर और नायका जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों की मीटिंग कर यह हिदायत दी। दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग के अधिकारी भी बैठक में थे।
जॉइंट सीपी (क्राइम) सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, ई-कॉमर्स और तुरंत डिलिवरी प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच का दुरुपयोग कर अपराधी प्रतिबंधित और खतरनाक वस्तुओं की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इनमें अवैध दवाएं, नशीले पदार्थ, बटनदार जैसे प्रतिबंधित चाकू, नकली पिस्टल, पुलिस वर्दी, बैज, जीपीएस जैमर और हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी शामिल हैं। ऐसे प्रोडक्ट न सिर्फ कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते है।
कंपनियों को दिए गए ये निर्देश
प्रतिबंधित और अवैध वस्तुओं की लिस्टिंग तुरत हटाई जाए।
संवेदनशील चीजे बेचने वालों के लिए सख्त KYC प्रक्रिया हो।
सदिग्ध लिस्टिंग की रियल टाइम रिपोर्टिंग की व्यवस्था बनाई जाए।
बेचने वालों की जानकारी कानून के अनुसार तुरत मुहैया कराई जाए।
इन दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर भी सख्ती
ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने ई-फार्मेसी के बढ़ते जोखिमों पर चिंता जताते हुए साफ किया कि शेड्यूल H और X की दवाएं सिर्फ रजिस्टर्ड डॉक्टर के वैध पर्चे पर ही बेची जा सकती है। इन दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ा खतरा है। ई-कॉमर्स कंपनियां सिर्फ मध्यस्थ नहीं है बल्कि उन्हें 'गेटकीपर' की भूमिका निभानी होगी। ऑनलाइन सर्विस अपराधियों के लिए रास्ता नहीं बननी चाहिए। बैन वस्तुओं की बिक्री में लापरवाही पाए जाने पर कंपनियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।