आवश्यकता से बहुत अधिक नमक का सेवन कर रहे भारतीय, दिल व गुर्दे की बीमारियों को बढ़ा खतरा
नई दिल्ली (Excessive salt consumption creating diseases): जीवनशैली में आए परिवर्तन के साथ ही हर दिन भारतीय जिस तरह से खाने में नमक का सेवन कर रहे हैं, वह उनके स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
मंगलवार को राज्य सभा में सांसदों ने इस तथ्य को सामने रखा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2025 में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दो ग्राम से कम नमक के सेवन की संस्तुति की है, लेकिन भारतीय औसतन आठ से ग्यारह ग्राम तक नमक खा रहे हैं।
इतना ही नहीं, बिस्किट, केक, फ्लेवर्ड मिल्क, कोल्ड ड्रिंक सहित अन्य प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद बच्चों में नमक की मात्रा बढ़ाकर उन्हें बीमार बना रहे हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए दावा किया कि सरकार आमजन को जागरूक करने के लिए प्रयासरत है।
ज्यादा नमक खाने से बीमारियों का खतरा
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने प्रश्नकाल में यह मुद्दा उठाया कि अत्यधिक नमक का सेवन भारत में गंभीर बीमारियों का संकट खड़ा कर रहा है। इसके कारण से उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस दिशा में जनता को जागरूक करने के लिए सरकार क्या प्रयास कर रही है।
मुकुल वासनिक के प्रश्न के लिखित उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री नड्डा की ओर से इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अध्ययन निष्कर्ष के रूप में इस संकट को स्वीकारा। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए ईट राइट इंडिया जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी।
एक दिन में 2 ग्राम नमक खाना चाहिए
अनुपूरक प्रश्न में बीजेपी सांसद जसवंत सिंह परमार ने भी इस पर चिंता जताते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की संस्तुति है कि एक दिन में दो ग्राम से कम नमक का ही सेवन करना चाहिए, जबकि भारत में प्रतिव्यक्ति नमक उपभोग का औसत आठ से 11 ग्राम है।
उन्होंने लो सोडियम साल्ट के विकल्प के बारे में भी जानकारी मांगी। वहीं, बीजेपी सांसद मिलिंद देवड़ा ने अधिक नमक से हृदय रोग, किडनी रोग, उच्च रक्तचाप आदि बीमारियों का खतरा बताते हुए चिंता जताई कि अधिकतर अभिभावक भी शायद नहीं जानते होंगे कि बच्चों को प्रोसेस्ड फूड के कारण नमक की मात्रा बढ़ रही है।
ब्रेड, बिस्किट, केक, कोल्ड ड्रिंक आदि में नमक मिलाया जा रहा है। उन्होंने सलाह दी कि सरकार प्रोसेस्ड फूड कंपनियों से कहे कि वह अपनी पैकेजिंग में सामग्री की मात्रा का स्पष्ट उल्लेख करें।
हालांकि, जवाब में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव की ओर से सरकार के जागरुकता कार्यक्रमों की ही जानकारी दी गई कि जनता से कहा जा रहा है कि पांच ग्राम से कम नमक का सेवन करें।
Agencies