तमिलनाडु में नई सरकार के गठन पर फंसा था पेंच, कैसे कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की मोर्चाबंदी से बनी बात, इनसाइड स्टोरी
नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु जनादेश आने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस गहराया हुआ था। टीवीके चीफ थलपति विजय बीते दो दिनों के दौरान दो बार राज्यपाल से मिलने पहुंचे और सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, नंबर गेम में थलपति विजय पीछे दिख रहे थे। हालांकि, कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन का ऐलान कर दिया था। बावजूद इसके टीवीके चीफ बहुमत के आंकड़ें से पीछे नजर आ रहे थे। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद मोर्चा संभाला। कैसे कांग्रेस मुखिया की मोर्चाबंदी से राज्य में नई सरकार का रास्ता साफ हो सका,जानें इनसाइड स्टोरी।
खरगे की एक फोन कॉल और बन गई बात
4 मई को चुनाव नतीजों के बाद तमिलनाडु में थलपति विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, बहुमत का आंकड़ा 118 का था, ऐसे में कांग्रेस ने नई सरकार को समर्थन का ऐलान कर दिया। हालांकि, अब भी गठबंधन बहुमत से 5 सीट दूर थी। इन हालात में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद सक्रिय भूमिका निभाई। सूत्रों के मुताबिक खरगे ने वीसीके के अध्यक्ष थिरुमावलवन और सीपीआई के वरिष्ठ नेता डी राज से फोन पर बातचीत की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने समर्थन को लेकर क्या कहा
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान खरगे ने धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट रखने की जरूरत पर जोर देते हुए टीवीके को समर्थन देने की अपील की। कांग्रेस सूत्रो का कहना है कि बीजेपी और एआईएडीएमके को सत्ता से दूर रखने के लिए विपक्षी दलो के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा गया। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस नेतृत्व ने वीसीके और वाम दलों को एक साझा रुख अपनाने के लिए मनाने की कोशिश की। जिसके बाद लेफ्ट पार्टियों ने नई सरकार को बाहर से समर्थन देने का ऐलान किया।
टीवीके चीफ विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
अभिनेता-राजनेता और टीवीके के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को कई विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने के बाद तमिलनाडु में सरकार बनाने का औपचारिक रूप से दावा पेश किया। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में उनके गठबंधन की ताकत बहुमत के आंकड़े से ऊपर पहुंच गई है।
विजय ने चेन्नई के राजभवन में तमिलनाडु के गवर्नर आरएन रवि से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सहयोगी पार्टियों और निर्दलीय समर्थकों के समर्थन पत्र सौंपे। सूत्रों के अनुसार, जिस तरह से सियासी घटनाक्रम बदला है ऐसे में राज्यपाल जल्द ही टीवीके चीफ विजय को सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करेंगे।
तमिलनाडु में नंबर गेम किसके पक्ष में?
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
हालांकि, शुरुआत में पार्टी 234 सदस्यों वाले सदन में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी।
कांग्रेस पहली पार्टी थी जिसने विजय को समर्थन दिया और उसके पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने टीवीके प्रमुख का समर्थन किया।
शुक्रवार शाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने भी टीवीके के नेतृत्व में सरकार बनाने की कोशिश को औपचारिक रूप से अपना समर्थन देने की घोषणा की।
नई विधानसभा में इन पार्टियों के दो-दो विधायक हैं, जिससे विजय खेमे की कुल ताकत 119 विधायकों तक पहुंच गई है, जो साधारण बहुमत से ऊपर है।