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500 रुपये की रिश्वत पर जताया था दुख, अब 1 करोड़ की घूस के आरोपों में घिरे ट्रेनी IPS राहुल बंसल; पुराना वीडियो फिर वायरल

प्रकाशित: August 13, 2026, 12:26 PM | राजनीति
500 रुपये की रिश्वत पर जताया था दुख, अब 1 करोड़ की घूस के आरोपों में घिरे ट्रेनी IPS राहुल बंसल; पुराना वीडियो फिर वायरल

नई दिल्ली: सिविल सेवा में आने वाले अभ्यर्थी अक्सर ईमानदार प्रशासन, भ्रष्टाचार पर अंकुश और बेहतर सरकारी व्यवस्था की बात करते हैं। ऐसे में जब किसी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आते हैं तो उसके पुराने बयान भी चर्चा में आ जाते हैं। छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी राहुल बंसल से जुड़ा एक पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर इसी वजह से वायरल हो रहा है।


राहुल बंसल पर फील्ड पोस्टिंग के दौरान करीब एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत से जुड़ा आरोप सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि या न्यायिक रूप से दोष सिद्ध होना अभी बाकी है। इसी बीच सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान दिए गए उनके एक मॉक इंटरव्यू की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर की जा रही है।


मॉक इंटरव्यू में भ्रष्टाचार पर क्या बोले थे राहुल बंसल?

पुराने वीडियो में राहुल बंसल प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार की समस्या पर अपनी राय रखते दिखाई देते हैं। उन्होंने एक व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया था, जिसमें कथित तौर पर उनके परिवार से सरकारी दस्तावेज हासिल करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।


उन्होंने बताया था कि उनके भाई उस समय आईआईटी कानपुर में पढ़ रहे थे और अमेरिका में एक रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने के लिए वीजा प्रक्रिया के तहत जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत थी। उनके मुताबिक, दस्तावेज जल्दी उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर के एक अधिकारी ने कथित तौर पर 500 रुपये की मांग की थी।


बंसल ने मॉक इंटरव्यू के दौरान इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि रिश्वत देना उन्हें अच्छा नहीं लगा। साथ ही उन्होंने यह भी माना था कि सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अक्षमता जैसी समस्याएं मौजूद हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों के व्यवहार के आधार पर पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को गलत ठहराना उचित नहीं है।


पुलिस और प्रशासनिक सुधारों की भी की थी बात

मॉक इंटरव्यू में राहुल बंसल ने बेहतर प्रशासन और नागरिकों को प्रभावी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया था। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में सुधार सहित प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता की बात कही थी।


उस समय दिए गए उनके विचार एक ऐसे अभ्यर्थी की छवि पेश करते थे जो सरकारी व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार को कम करने की बात कर रहा था।


पुराने वीडियो और मौजूदा आरोपों की सोशल मीडिया पर तुलना

अब जब राहुल बंसल पर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत से जुड़ा मामला सामने आया है, तो सोशल मीडिया पर उनका पुराना वीडियो फिर चर्चा में आ गया है।


यूजर्स वीडियो में उनके द्वारा 500 रुपये की रिश्वत पर जताई गई नाराजगी और वर्तमान में सामने आए रिश्वत के आरोपों के बीच तुलना कर रहे हैं। इसी वजह से यह क्लिप तेजी से शेयर की जा रही है।


हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। राहुल बंसल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच और उसके निष्कर्ष ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे।


जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर

मामले में जांच जारी रहने के बीच पुराने वीडियो का वायरल होना सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही और नैतिकता को लेकर बहस को जरूर तेज कर रहा है। खासतौर पर तब, जब किसी अधिकारी के पुराने सार्वजनिक बयान और वर्तमान में लगाए गए आरोपों के बीच स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता हो।


फिलहाल जरूरी है कि पूरे मामले को जांच के निष्कर्षों के आधार पर देखा जाए। आरोप साबित होने तक राहुल बंसल को दोषी मानना उचित नहीं होगा।