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मदरसों के विदेशी संबंधों की होगी जांच, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई के लिए तैयार है सरकार

प्रकाशित: July 4, 2026, 11:14 AM | उत्तर प्रदेश
मदरसों के विदेशी संबंधों की होगी जांच, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई के लिए तैयार है सरकार

लखनऊ, 03.07.2026 (UP govt to investigate foreign connection of madrasas) मदरसों में विदेशी चंदा, अज्ञात स्रोतों से आय की एटीएस (आतंकवाद रोधक इकाई) जांच पर रोक के लिए दाखिल याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद इस प्रकरण में जांच में तेजी आने की संभावना बढ़ गयी है।


राज्य में संचालित मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त 4000 हजार मदरसों को अज्ञात स्रोतों और विदेशी सहायता दिये जाने की सरकार से शिकायत हुई थी। इस मामले में सरकार ने एसआईटी बनायी थी।


17 दिसंबर 2025 को आतंकवाद रोधी इकाई (एटीएस) के आईजी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन बिन्दुओं की जांच का निर्णय किया गया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तत्कालीन निदेशक अंकित कुमार अग्रवाल ने नौ जनवरी 2026 को डीएमओ ( जिला अल्पसंख्यक अधिकारी) को भेजे निर्देश में कहा कि मदरसों की जांच कर एटीएस कर रही है। मदरसा प्रबंधकों के बैंक खातों में लेनदेन का सत्यापन कराया जाए।


स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि कुछ मदरसे बिना स्थायी आय बड़े भवनों में संचालित हैं। भवनों का निर्माण कैसे हुआ, इसके आय के स्रोत मदरसा संचालक नहीं बताते हैं। इनकी गहनता से जांच करायी जाये।स्थानीय स्रोत, खुफिया इकाइयों की मदद से विदेशी फंडिंग की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाए।


इस कार्रवाई के बीच एटीएस की विभिन्न इकाइयों ने डीएमओ से से उनके जिले के मदरसों की संख्या, छात्रों का नाम, मोबाइल नंबर, मूल पते की जानकारी मांगनी शुरू कर दी।


जांच के रफ्तार पकड़ने पर मदरसा प्रबंध समिति और मदरसा टीचर एसोसिएशन ने एटीएस जांच के खिलाफ 11 फरवरी को हाइकोर्ट की इलाहाबाद बेंच में याचिका दाखिल की, जिसमें एटीएस अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए जांच रोकने की मांग की थी।


अदालत ने प्रकरण पर सुनवाई करते हुए स्थगन आदेश तो नहीं दिया लेकिन सरकार, एटीएस को नोटिस जारी कर दिया। इससे एटीएस जांच थोड़ी शिथिल हो गयी। एक जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक सरन और न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की बेंच मदरसा प्रबंधकों की जांच रोकने की याचिका को खारिज कर दिया।


डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि तथ्यों को देखते हुए कोर्ट का दृढ मत है कि जांच को याचिकाकर्ताओं के खिलाफ जबरदस्ती की कार्रवाई नहीं कहा जा सकता। अब एटीएस अधिकारियों का कहना है कि जांच रूकी नहीं थी। अब इसमें तेजी आ सकती है।


Courtesy: Jagran 


https://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-up-madrasa-foreign-funding-ats-probe-to-intensify-after-hc-nod-40292913.html