अलीगढ़ अपहरण केस: 19 साल बाद पांच दोषियों को उम्रकैद, परिवार को अब भी बेटी का इंतजार
अलीगढ़। किशोरी अपहरण के करीब 19 साल पुराने मामले में अदालत द्वारा पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। हालांकि परिवार का दर्द अब भी कम नहीं हुआ है। अगवा किशोरी के भाई का कहना है कि बहन आज तक नहीं मिली और आज भी परिवार उसकी वापसी का इंतजार कर रहा है। अदालत के फैसले से परिवार को न्याय मिलने का एहसास हुआ है, लेकिन बहन की कमी आज भी हर दिन महसूस होती है।
उम्रकैद की सजा से परिवार ने ली राहत की सांस
विजयगढ़ क्षेत्र निवासी किशोरी के भाई ने बताया कि आरोपित पहले से दर्ज एक मुकदमे की रंजिश मानते थे। 28 सितंबर 2007 को आरोपितों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर पुराने मुकदमे में समझौता और गवाही बदलने का दबाव बनाया था। विरोध करने पर 16 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया गया था।
आरोपित के बरी होने पर करेगा कानूनी सलाह
एडीजे (एससी-एसटी एक्ट) प्रतिभा सक्सेना की अदालत ने इस मामले में आरोपित ऊषा, अमर सिंह, लेखराज, सुरेश और बाबूलाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
साक्ष्यों के अभाव में सतीश संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। मामले में करीब दो दशक बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार ने न्याय की बड़ी जीत बताया है।